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राष्ट्रभक्ति बनाम राष्ट्रविरोध – निर्णायक संघर्ष
यहाँ सबसे प्रमुख रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका स्पष्ट दिखाई देती है। हिन्दू समाज और राष्ट्र की रक्षा के लिए जिस त्याग, समर्पण और सात्विक शक्ति का संचय इस संगठन ने किया है, वह भविष्य में शोध और अध्ययन का विषय बनेगा।
