विजय की तालियों में गुम बलिदानियों की आवाज़

विजय की तालियों में गुम बलिदानियों की आवाज़

इस दुख की गहराई और भी बढ़ जाती है यह सब उस समय घटित हुआ है जब देश की बागडोर ऐसी सरकार के हाथों में है जो राष्ट्रवाद की धारा को व्यापक स्वर देती है। ऐसे में स्वाभाविक प्रश्न उठता है कि जब वचनों की गूंज इतनी प्रबल है, तो हमारे शहीदों की रक्षा और सम्मान की दिशा में और क्या कदम उठाए जा सकते हैं।
राष्ट्रभक्ति बनाम राष्ट्रविरोध – निर्णायक संघर्ष

राष्ट्रभक्ति बनाम राष्ट्रविरोध – निर्णायक संघर्ष

यहाँ सबसे प्रमुख रूप से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की भूमिका स्पष्ट दिखाई देती है। हिन्दू समाज और राष्ट्र की रक्षा के लिए जिस त्याग, समर्पण और सात्विक शक्ति का संचय इस संगठन ने किया है, वह भविष्य में शोध और अध्ययन का विषय बनेगा।
अपराधियों के घर बुलडोजर चलाकर गिरा देना कोई बहुत संतोषजनक स्थिति नहीं है।

अपराधियों के घर बुलडोजर चलाकर गिरा देना कोई बहुत संतोषजनक स्थिति नहीं है।

आज जब अपराधी अपराध करते हैं, उन्हें पता है निर्णय होते होते पीढियां बीत जाएंगी, उन्हें इस बात का कोई भय नहीं है कि कानून का भी कोई रखवाला होता है।
बुलडोजर कार्यवाही केवल कुछ उत्साही जनों द्वारा अपराध की कमर तोड़ने के लिए अपनाई गई वैसी ही चतुर युक्ति है, जिस चतुराई का प्रयोग कर अदालतें अपराधी को बचाती रही है।